Rajmahal ganga maa

Rajmahal ganga maa



Rajmahal ganga maa

दोस्तो कुछ बातें ऐसी भी होती है जिस पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल होता है, मगर आपको आज में एक ऐसी घटना बताने जा रहा हूँ। जिस पर शायद आप यकीन ना करें, मगर जो इन सारी बातों से जुड़े है, उनका कहना है जे सच्ची बात है।
दोस्तों जे बात राजमहल के पास की है की है, जो झारखंड के जिला साहेबगंज, में पड़ता है।
जब राजमहल घाट के पास कीर्तन किया गया तो, जे कीर्तन बहुत साधारण था, जिस में कुछ गाने बजाने वाले थे।
ओर जे कीर्तन 3 दिन का था।

पहला दिन जब कीर्तन सुरु हुआ बहुत कम लोग सुने आए हुये थे, गिनती से भी गिना जा सकता था कि 100 से 120 लोग ही सुनने आए थे।
कीर्तन शुरू होने के कुछ समय बाद एक लड़की कीर्तन सुनने आई, वो कीर्तन सुनाने वालों के पास में बैठ गई, ओर एक धयान से कीर्तन सुनाने लगी।

जिसे देख कर सभी हैरान हो रहे थे, लड़की की उम्र 22 से 25 साल की लग रही थी, मगर वो इतनी ही सुंदर थी कि दुनिया मे शायद इससे सुंदर कोई और हो ही नही सकती।
 जिस की खूबसूरती की कल्पना भी नही कर सकते, ऐसा मनमोहक सूरत, ओर वैसा ही उसका रंग था।

सभी की नजरें उस पर ही जा रही थी, ओर सभी एक दूसरे से पूछ रहे थे जे कोन है और कहा से आई है।

जब कीर्तन खत्म हुआ तो किसी को पता ही नही चला की वो कहा गई, सब अपने अपने घर जाते हुऐ भी एक दूसरे से उसी की बात कर रहे थे, की आखिर वो लड़की कौन थी।

दूसरे दिन जब कीर्तन सुरु हुआ, लोगो की संखिया बहुत ज्यादा हो गई पहले दिन के मुकाबले, दूसरे दिन 2 सो 3 सो लोगो की भीड़ ज्यादा थी।

जे कोई कीर्तन सूनने वालो की भीड़ नही थी, लड़की की खूब सुरती के चर्चा ने उन लोगो को वहां खींच लाई थी,
कुछ लोगो ने लड़की से बात करने की कोशिश भी की मगर लड़की एक धयान से कीर्तन सुन रही थी।

किसी की कोई भी बातों का कोई जबाब नही दिया सभी एक दूसरे को देख कर चुप हो जाते ।
जब कीर्तन खत्म हुआ एक लड़का उस लड़की के पास जा कर बोला तुम्हरा घर कहा है, लड़की ने नदी की ओर दिखाते हुये कहा में वह रहती हूँ,
ओर जाने लगी, फिर लड़के ने पूछा क्या तुम मुझसे शादी करोगी।

लड़की मुस्कुरा के बोली बेटा तुम तो मुझे माँ कहते हो फिर शादी करना चाहते हो, तुम तो मेरी संतान हो,
इतनी बात बोली ओर लड़की चली गई, कुछ लोग जे सब देख रहे थे , लड़के जे बात बहुत बुरी लगी और सभी लड़के के ऊपर हास् रहे थे।

जे देख लड़का लड़की के पीछे भागा, ओर जे देख कुछ लोग भी उसके पीछे भागे
आगे जा कर देखा लड़की कमर भर पानी मे थी, वो लड़की ओर भी आगे जा रही थी।
मगर लड़का बहुत गुस्से में था, ओर लड़का भी पानी मे कूद गया जब पानी मे एक डुबकी लगाई लड़का वही खड़ा हो गया, लड़का एकदम शांत हो गया।

वो पानी से बाहर आया और रोने लगा और पानी गंगा की तरफ हाथ जोड़ कर फाफी मांगने लगा, लड़के के पीछे जो लोगो की भीड़ आई थी सब देख कर लड़के को पागल समझने लगे,
अंधरे में लड़की भी कही खो गई, कोई देख ही नही पाया कि लड़की कहा गई , लड़के की अजीब हरकत को देख कर सभी पागल समाज कर अपने अपने घर चले गए
तीसरे दिन कीर्तन में लोगो की भीड़ बहुत ज्यादा थी,
सभी लड़की को देखना चाहते थे।
मगर उस दिन कीर्तन आधा हो चुका था मगर वो लड़की नही आई।
कीर्तन तो सभी सुन रहे थे। मगर मन ही मन उस लड़की का इंतिजार कर रहे थे।
जब कीर्तन खत्म हुआ तब वो लड़की आई और कीर्तन सुनने वालों के पास चली गई सभी लड़की को देख रहे थे।
लड़की ने कीर्तन सूनाने वालों से पूछा।
हम कीर्तन किउ सुनते है, ओर कीर्तन सूनने का किया महतव है। जे बातें हम सब को जरूर बताएं।
कीर्तन सुनाने वालों ने कहा , कीर्तन सुनने से मन शांत और हमारे कर्म के पाप कम हो जाते है, हिंसा और अहिंसा में अंतर पता चलता है, हम से जो हमारे जीवन काल मे गलतियां होती है, ओर जो हम से पाप होते है वो कम हो जाते है,
जे सभी बातें सभी लोग सुन रहे थे।
 कीर्तन सुनाने वालों ने लड़की का नाम पूछा तो लड़की ने बताया मेरा नाम गंगा है, ओर मुझ पर भी बहुत पाप का भार है जिन्हें में सह नही पा रही ईस लिये में भी कीर्तन सुनने आई हूँ।
जे बोल कर वो राजमहल के घाट की तरफ जाने लगी तभी कल जो लड़का उस लड़की के पीछे पानी मे कूद गया था वो लड़का उस लड़की के पैरों को छू कर माफी मांगने लगा ,
लड़की मुस्कुरा कर बोली बेटा में माँ हुँ ओर माँ अपने बेटे से नाराज कैसे राह सकती है। मेरे पास जो भी आता है में सभी के पाप को धो देती हूं, मगर सभी के पाप को धोते धोते मेरा भार बहुत ज्यादा हो गया है और इस लिये में पाप के भार से मैं धरती में समाती जा रही हुँ।
फिर भी मैं सबके पाप को धोती हुँ।
जे बोल कर वो वहाँ से,
चली गई जो थोड़ी दूर ही था जहाँ कीर्तन हो रहा था वह से घट भी दीखता था , पानी मे उतरते ही वो लड़की पानी मे ही समा गई,

उस लड़के का कहना था जब वो पानी के अंदर गया था।
वहां माँ गंगा ने अपने रूप में दर्शन दिया था।

दोस्तो इस घटना के बाद राजमहल घाट पर हर साल कीर्तन होने लगा,
ओर वहां के लोगो का विश्वास है कि हर कीर्तन में गंगा माँ भी कीर्तन सुनने आती है,


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